नोबेल पुरस्कार-2018 के विजेताओं की सूची

नोबेल फाउंडेशन द्वारा स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में वर्ष 1901 में शुरू किया गया यह शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है। इस पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति-पत्र के साथ 10 लाख डॉलर की राशि प्रदान की जाती है।

■ रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार 2018

☛ वर्ष 2018 में रसायन विज्ञान के क्षेत्र में इस साल जिन तीन वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है, जिसमें फ्रांसेस एच. एरनॉल्ड, जॉर्ज पी स्मिथ और सर ग्रेग्रॉरी पी विंटर का नाम शामिल है।

☛ इस पुरस्कार में आधा भाग फ्रांसेस एच. एरनॉल्ड को और आधे भाग में से जॉर्ज पी स्मिथ और सर ग्रेग्रॉरी पी विंटर को सम्मानित किया जाएगा।

☛ कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी में प्रोफेसर अरनॉल्ड ने ऐसे एंजाइम को विकसित किया है, जिससे जीवाश्म ईंधन जैसे जहरीले रसायनों की समस्या से निपटने में काफी मदद मिलेगी। स्वीडिश रॉयल साइंस अकादमी ने अरनॉल्ड के योगदान को देखते उन्हें पुरस्कार की आधी राशि देने की घोषणा की है। बाकी की राशि जॉर्ज पी. स्मिथ और सर ग्रेगरी विंटर में बंटेगी। नोबेल पुरस्कार की कुल राशि 10 लाख डॉलर है।

■ भौतिकी में नोबेल पुरस्कार 2018

☛ वर्ष 2018 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार अमेरिका के आर्थर अश्किन, फ्रांस के जेरार्ड मोउरो और कनाडा की डोना स्ट्रिकलैंड के नाम की घोषणा की गई है।

☛ इन तीनों वैज्ञानिकों को लेजर फिजिक्स फील्ड में किए गए आविष्कारों के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार में आधा भाग आर्थर अश्किन जबकि आधे भाग में से जेर्राड मौरोउ और डोना स्ट्रिकलैंड को सम्मानित किया जायेगा।

■ चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार 2018

☛ इस बार चिकित्सा के क्षेत्र में साल 2018 का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से जेम्स पी. एलिसन और तासुकू होंजो को चुना गया है।

☛ दोनों को ये पुरस्कार कैंसर थेरपी की खोज के लिए मिला है। कैंसर की दुर्लभ बीमारी की इलाज के लिए दोनों वैज्ञानिकों ने ऐसी थेरपी विकसित की है। इससे शरीर की कोशिकाओं में इम्यून सिस्टम को कैंसर ट्यूमर से लड़ने के लिए मजबूत बनाया जा सकेगा।

■ शांतिमें नोबेल पुरस्कार 2018

☛ इस साल का शांति को नोबेल पुरस्कार डेनिस मुकवेज और नादिया मुराद को संयुक्त रूप से दिया जाएगा। दोनों को युद्ध के दौरान होने वाले यौन हिंसा की रोकथाम के प्रयास के लिए यह अवॉर्ड दिया जाएगा।

☛ नोबेल समिति की अध्यक्ष बेरिट रेइस एंडरसन ने नामों की घोषणा करते हुए कहा कि यौन हिंसा को युद्ध के हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने पर रोक लगाने के इनके प्रयासों के लिए इन दोनों को चुना गया है।

☛ मुकवेगे ने 1999 में दक्षिण कीव में पांजी अस्पताल खोला था जहां उन्होंने बलात्कार पीड़ित लाखों महिलाओं, बच्चों और यहां तक कि कुछ माह के शिशुओं का भी उपचार किया है। इन्हें ‘डॉक्टर मिरैकल’ के नाम से भी जाना जाता है. इसके साथ ही वह युद्ध के दौरान महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुखर विरोधी हैं।

☛ मुराद ईराक से हैं और यजीदी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं. आतंकवादी संगठन इस्लामी स्टेट ने उन्हें 2014 में अगवा कर लिया था।आंतकवादियों के चंगुल से फरार होने से पहले तीन महीने तक इन्हें यौन दासी बना कर रखा गया था। नार्वे की नोबेल समिति ने कहा, ‘‘डेनिस मुकवेगे और नादिया मुराद दोनों ने युद्ध अपराधों के खिलाफ लड़ाई छेड़ने और पीड़ि‍तों को न्याय की मांग करके अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डाला है। इस प्रकार उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों को लागू कर देशों के बीच भाईचारे का प्रचार प्रसार किया है।”

☛ पाकिस्तान की मलाला युसूफजई के बाद मुराद दूसरी सबसे कम उम्र की नोबेल पुरस्कार विजेता हैं। मलाला को साल 2014 में जब शांति का नोबेल मिला था तब उनकी उम्र 17 साल थी। वहीं मुराद की उम्र 25 साल है।

NOTE

इस बार साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिए जाने का फैसला किया गया है। पिछले 70 साल में पहली बार ऐसा है कि साहित्य का नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। स्वीडन में सांस्कृतिक गतिविधियों का बड़ा चेहरा माने जाने एवं नोबेल पुरस्कार का चुनाव करने वाली संस्था स्वीडिश एकेडमी की ज्यूरी की एक सदस्य के पति फ्रांसीसी नागरिक ज्यां-क्लाउड अर्नोल्ट यौन आरोपों और वित्तीय अपराध के आरोपों से घिरे हैं।

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Author: R.S.Rajawat

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