कमलनाथ बने मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री

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मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने भव्य समारोह में कमलनाथ को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। वहीं कमलनाथ मध्य प्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री बने।

बता दें कि 15 साल के बाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है। भोपाल के जंबूरी मैदान में आज उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह भी उपस्थित रहे। इनके अलावा विपक्ष के कई और भी नेता यहां पहुंचे।

हालांकि, इस समारोह में अखिलेश यादव, मायावती, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल नहीं पहुंचे।

पूर्व प्रधानमंत्री और जेडी (एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए हैं। 15 साल तक मध्य प्रदेश की कमान संभालने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस मौके पर मौजूद रहे।

कमलनाथ के बारे में :-

कमलनाथ की गिनती देश के दिग्गज राजनेताओं में होती है. मध्य प्रदेश ने देश को जितने भी नामी राजनेता दिए हैं उनमें से एक कमलनाथ भी हैं।18 नवंबर 1946 को उत्तर प्रदेश के कानपुर में जन्मे कमलनाथ की स्कूली पढ़ाई मशहूर दून स्कूल से हुई।

दून स्कूल में उनकी जान पहचान कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे संजय गांधी से हुई। दून स्कूल से पढ़ाई करने के बाद कमलनाथ ने कोलकाता के सेंट जेवियर कॉलेज से बी.कॉम में स्नातक किया।

27 जनवरी 1973 को कमलनाथ अलका नाथ के साथ शादी के बंधन में बंधे। कमलनाथ के दो बेटे हैं। उनका बड़ा बेटा नकुलनाथ राजनीति में सक्रिय है.

कमलनाथ 9 बार लोकसभा के लिए चुने जा चुके हैं। वह साल 1980 में 34 साल की उम्र में छिंदवाड़ा से पहली बार चुनाव जीते जो अब तक जारी है। कमलनाथ 1985, 1989, 1991 में लगातार चुनाव जीते।

1991 से 1995 तक उन्होंने नरसिम्हा राव सरकार में पर्यावरण मंत्रालय संभाला। वहीं 1995 से 1996 तक वे कपड़ा मंत्री रहे।

1998 और 1999 के चुनाव में भी कमलनाथ को जीत मिली. लगातार जीत हासिल करने से कमलनाथ का कांग्रेस में कद बढ़ता गया और 2001 में उन्हें महासचिव बनाया गया। वह 2004 तक पार्टी के महासचिव रहे।

छिंदवाड़ा में तो जीत का दूसरा नाम कमलनाथ हो गए और 2004 में उन्होंने एक बार फिर जीत हासिल की। यह लगातार उनकी 7वीं जीत थी। गांधी परिवार का सबसे करीबी होने का इनाम भी उनको मिलता रहा और इस बार मनमोहन सिंह की सरकार में वे फिर मंत्री बने और इस बार उन्हें वाणिज्य मंत्रालय मिला।

उन्होंने यूपीए-1 की सरकार में पूरे 5 साल तक यह अहम मंत्रालय संभाला. इसके बाद 2009 में चुनाव हुआ और एक बार फिर कांग्रेस का यह दिग्गज नेता लोकसभा के लिए चुना गया। छिंदवाड़ा में कांग्रेस का यह ‘कमल’ लगातार खिलता गया और इस बार की मनमोहन सिंह की सरकार में इनको सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय मिला। साल 2012 में कमलनाथ संसदीय कार्यमंत्री बने।

26 अप्रैल 2018 को वह मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष बने। उन्हें अरुण यादव की जगह अध्यक्ष बनाया गया।

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